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दायित्व की विरासत

निष्ठावान



सेठ गोवर्धनदास बिनानी
1 9 0 7 - 1 9 6 5

GBCBAसेठ गोवर्धनदास बिनानी को ‘मेटल किंग ऑफ इंडिया’ के रूप में भी जाना जाता था। वे गैर-लौह धातुओं के क्षेत्र में कार्यरत बेहद प्रतिष्ठित व्यावसायिक परिवार से संबंध रखते थे। महेश्वरी समाज उन्हें नेक कामों और परोपकारी स्वभाव के लिए सस्नेह याद करता है। उन्होंने वंचितों के लिए नियमित परियोजनाओं के उद्देश्य से 1958 में एक कल्याणकारी निकाय, बिनानी चैरिटेबल बॉडीज़ की स्थापना की।

मिर्जापुर से उनका लगाव इस बात से स्पष्ट होता है कि उन्होंने दान व मिर्जापुर के लोगों की उन्नति और उनके बेहतर भविष्य के लिए वहां शैक्षणिक और पेशेवर शिक्षा संस्थानों की स्थापना की। नवीनतम शिक्षा प्रदान करने का उनका सपना उस वक़्त पूरा होते देखा जब उनके इकलौते पुत्र, स्वीर्गीय घनश्याम बिनानी ने 1969 में मिर्जापुर में जी.डी. बिनानी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की स्थापना की।

 

घनश्याम बिनानी
1 9 3 2 - 1 9 9 8

घनश्याम बिनानी अपने पिता के रास्ते पर ही चले और व्यवसाय को संगठित किया। वह उसे अप्रतिम ऊंचाइयों पर ले गए, जिससे बिनानी ने भारत और विदेश में गैर-लौह धातु उद्योग के अग्रणियों में अपना स्थान बनाया। भारत में सबसे पहले इलेक्ट्रोलिटिक जिंक का उत्पादन उन्होंने शुरू किया। उनके मार्गदर्शन में उनके छोटे बेटे ब्रज बिनानी ने सीमेंट और ग्लास फाइबर के क्षेत्र में कदम रखा।

स्वर्गीय घनश्याम बिनानी भी अपने पिता की तरह थे। स्वाभाविक रूप से परोपकारी स्वर्गीय श्री घनश्याम बिनानी ने उदारतापूर्वक शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, समाज भवनों की स्थापना की और उन्हें प्रायोजित भी किया। जब कभी उनसे संपर्क किया गया, उन्होंने लाखों रुपए के अनगिनत दान दिए। बच्चों के प्रति उनके प्यार की वजह से ही उन्होंने भारत और विदेश में उच्च, शिक्षा के लिए छात्रवृत्तियां शुरू कीं।

उन्होंने बिनानी चैरिटेबल बॉडीज़ का विस्तार किया, जो घनश्याम बिनानी फाउंडेशन के तहत जारी है। पत्नी पद्मा बिनानी और अपने बच्चों के पूर्ण सहयोग से उन्होंने तीन और न्यासों का गठन किया।

वे सरल, विनम्र, बेहद धार्मिक और अपने काम को लेकर प्रतिबद्ध थे। मानवता के प्रतीक, उनके परोपकारी कार्य वंचितों के प्रति उनके सरोकार में झलकते हैं। एक बेहद विशाल हृदय और जिंदादिल इंसान, जिन्हें दूरदृष्टी और पहल करने वाले व्यक्ति के रूप में याद किया जाएगा।

 
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